गुरुवार, 22 जुलाई 2010

लेकिन कटती रात नहीं

कट जाते हैं दिन तेरे बिन लेकिन कटती रात नहीं ।
सब कुछ सब से कह सकते हैं केवल दिल की बात नहीं ।
मैंने तुमको हरदम चाहा सबसे बढ़कर प्यार किया ,
फिर भी आज तलक समझे तुम दिल के ये जज्बात नहीं ।
रह रह कर उठता है मेरे दिल में हरपल ख्याल यही ,
तेरी नजरों में थोड़ी सी भी दिल की क्या औकात नहीं ।
जब से तुमने मुंह फेरा है मुझे बनाकर बेगाना ,
आँखों से सावन भादों की रुकती है बरसात नहीं ।
तेरी याद छुपाये दिल में घुट घुट कर जीता हूँ मैं ,
जाने कितने मौसम बदले ,बदले पर हालात नहीं .

2 टिप्‍पणियां: